
नोएडा।नवरात्रि का पर्व इस बार फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन में कुछ यूं खास रहा कि हर कोई भाव-विभोर हो उठा। दिन की शुरुआत माता की चौकी से हुई, जहां भजनों और आरती की गूंज ने पूरे वातावरण को दिव्यता और आस्था से सराबोर कर दिया।
इसके उपरांत गरबे की थाप पर दिव्यांग बच्चों ने अपने रंग-बिरंगे परिधानों में जिस उमंग और उल्लास के साथ नृत्य किया, उसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी झिलमिलाती मुस्कान और अटूट ऊर्जा ने सिद्ध कर दिया कि उत्सव की आत्मा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब माताओं ने भी बच्चों का हाथ थाम गरबे की लय में कदम मिलाए। यह दृश्य न केवल उत्सव को यादगार बना गया, बल्कि समाज में समावेशिता और सामूहिक आनंद का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।
इस अवसर पर सेंटर मैनेजर सुरभि जैन ने कहा—
“हमारा संकल्प है कि दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को समाज के सामने लाया जाए। माता की चौकी और गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजन इस मिशन को सशक्त बनाते हैं और यह संदेश देते हैं कि दिव्यांगजन भी हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में सक्षम हैं।”
आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में BJM Health की चीफ कंसल्टेंट डॉ. भावना आनंद (PT), डॉ. महिपाल सिंह (PT), डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव (OT), डॉ. सुष्मिता भाटी (PT), कृष्णा यादव, इलिका रावत, दिव्या कार्की और सौम्या सोनी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
🎉 सचमुच, भक्ति और नृत्य का यह अनूठा संगम नवरात्रि की पावन स्मृतियों में सदा अमिट रहेगा।