
नोएडा गौतमबुद्ध नगर के इतिहास में पहली बार जिलाधिकारी (डीएम) की कमान महिला अधिकारी को मिली है। कासगंज में डीएम रहीं IAS मेधा रूपम ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचकर चार्ज संभाला। डीएम मनीष कुमार ने चार्ज देते हुए बधाई दी। वहीं, डीएम बनने पर मेधा रूपम को कई लोग कार्यालय पहुंचकर बधाई दी। चार्ज संभालने के बाद डीएम मेधा रूपम ने कहा कि आम लोगो की समस्याओं का समाधान होगा।
डीएम मनीष वर्मा का प्रयागराज तबादला
बता दें कि सोमवार की योगी सरकार ने 10 डीएम सहित 23 आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया था। जिसमें गौतम बुद्ध नगर के डीएम मनीष वर्मा को प्रयागराज और कासगंज की डीएम को यहां भेजा गया है। गौतमबुद्ध नगर जिले में अब तक 25 डीएम रह चुके हैं। डीएम बनीं मेधा रूपम ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में एसीईओ के रूप में 24 फरवरी 2023 से जून 2024 तक तैनात रहीं। इस दौरान इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में औद्योगिक भूखंड आवंटन, शहर की सफाई व्यवस्था, पिंक शौचालय का निर्माण, प्राधिकरण को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने में काफी योगदान दिया था।
कौन हैं मेधा रूपम?
मेधा रूपम वर्ष 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। मेधा राष्ट्रीय स्तर की शूटर भी रह चुकी हैं। इनके पिता ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के आईएएस अधिकारी थे, जो वर्तमान में केंद्रीय चुनाव आयुक्त हैं। मेधा का परिवार मूलरूप से आगरा का रहना वाला है। इनकी शुरुआती शिक्षा केरल में ही हुई थी। मेधा की पहली पोस्टिंग बरेली में सहायक मजिस्ट्रेट के पद पर हुई थी। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की एसीईओ से पहले हापुड़ की डीएम थीं। बता दें कि मनीष कुमार वर्मा की गौतमबुद्ध नगर के डीएम के तौर पर तैनाती 28 फरवरी 2023 को हुई थी। करीब ढाई साल बाद उनका ट्रांसफर हुआ है। वहीं,यमुना प्राधिकरण (यीडा) के एसीईओ कपिल सिंह प्राधिकरण से कार्य मुक्त हो गए। शासन ने उन्हें कानपुर देहात के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी दी है।