
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित कानपुर। गुप्तार घाट स्थित गंगा तट पर राष्ट्रवादी ब्राह्मण समाज की ओर से श्रावणी उपाकर्म महापर्व श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विप्रजनों ने सहभागिता करते हुए गंगा स्नान, ऋषि एवं पूर्वजों का तर्पण, देव पूजन, हवन और रक्षा सूत्र तथा यज्ञोपवीत का पूजन किया।कार्यक्रम के दौरान आचार्य गोपाल पांडे ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। प्रतिभागियों ने ईश्वर से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा प्रार्थना करते हुए आत्मशुद्धि और सदाचार का संकल्प लिया।आयोजकों ने बताया कि श्रावणी उपाकर्म सनातन परंपरा में आत्मशोधन, प्रायश्चित और ऋषि परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर विभिन्न पारंपरिक सामग्री के उपयोग और गंगा स्नान के माध्यम से शारीरिक एवं आध्यात्मिक शुद्धि की परंपरा का पालन किया गया। इसके बाद देवताओं, ऋषियों तथा अपने पूर्वजों का तर्पण कर उनका स्मरण किया गया।राष्ट्रवादी ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र अग्निहोत्री (किशन) ने कहा कि श्रावणी उपाकर्म केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि पूर्वजों से मिली सांस्कृतिक विरासत और अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने का अवसर है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भी इस पर्व के महत्व और परंपराओं से परिचित कराना आवश्यक है।कार्यक्रम में रमाकांत अग्निहोत्री, रमेश मिश्रा, प्रकाश नारायण अग्निहोत्री, अनिल मिश्रा, मुकेश दीक्षित, शैलेंद्र मिश्रा, भूपेंद्र त्रिपाठी, कैलाश शुक्ला, रमाशंकर दीक्षित, जय सियाराम, अरविंद त्रिवेदी, बउआ मिश्रा, बिट्टू तिवारी, पप्पू तिवारी, शिवकुमार द्विवेदी, बल्लू मिश्रा, शिव शंकर शुक्ला, रोहित द्विवेदी, प्रदीप कुमार द्विवेदी और संतराम द्विवेदी सहित समाज के अनेक लोग मौजूद रहे।
