
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक दिनांक 6 अप्रैल 2026 को प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई, जिसमें विकास, वित्तीय प्रबंधन, रियल एस्टेट परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता स्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि एकजीत, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 10,200.70 करोड़ रुपये की प्राप्तियों और 10,004.58 करोड़ रुपये के भुगतान का लक्ष्य निर्धारित किया गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9,008.26 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 6,580.35 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की गई, जिससे प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। रियल एस्टेट क्षेत्र में लंबे समय से रुकी परियोजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय सामने आए। शासनादेश 21 दिसंबर 2023 के तहत चिन्हित 57 लिगेसी स्टाल्ड प्रोजेक्ट्स में से 16 मार्च 2026 तक 36 परियोजनाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है, जो कुल परियोजनाओं का लगभग 60 प्रतिशत है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत 4,364 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं, जिससे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। भवन विनियमावली-2016 में संशोधन की मांग को ध्यान में रखते हुए एक संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह समिति प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। नोएडा स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर “वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026” को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इस योजना के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक और आईटी/आईटीईएस भूखंडों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान का रास्ता खुलेगा। शासन से मार्गदर्शन मिलने के बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी भूखंड के पुनरीक्षित ले आउट प्लान को मंजूरी दी गई। साथ ही पूर्व में 2014 और 202वीं बोर्ड बैठक में लिए गए कुछ निर्णयों को निरस्त करते हुए नई व्यवस्था लागू करने का रास्ता साफ किया गया, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण द्वारा आवंटित संपत्तियों पर बकाया राजस्व की वसूली के लिए एमनेस्टी स्कीम को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत निर्धारित समय सीमा में भुगतान करने पर बकाया राशि में छूट प्रदान की जाएगी, जिससे आवंटियों को राहत मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर, नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक को नीतिगत सुधार, वित्तीय संतुलन और जनहितकारी निर्णयों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन फैसलों का सीधा प्रभाव शहर के विकास, निवेशकों के विश्वास और आम नागरिकों की सुविधाओं पर पड़ने की उम्मीद है।नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, बजट, रियल एस्टेट और राहत योजनाओं पर अहम निर्णय नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक दिनांक 6 अप्रैल 2026 को प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई, जिसमें विकास, वित्तीय प्रबंधन, रियल एस्टेट परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता स्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि एकजीत, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 10,200.70 करोड़ रुपये की प्राप्तियों और 10,004.58 करोड़ रुपये के भुगतान का लक्ष्य निर्धारित किया गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9,008.26 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 6,580.35 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की गई, जिससे प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। रियल एस्टेट क्षेत्र में लंबे समय से रुकी परियोजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय सामने आए। शासनादेश 21 दिसंबर 2023 के तहत चिन्हित 57 लिगेसी स्टाल्ड प्रोजेक्ट्स में से 16 मार्च 2026 तक 36 परियोजनाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है, जो कुल परियोजनाओं का लगभग 60 प्रतिशत है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत 4,364 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं, जिससे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। भवन विनियमावली-2016 में संशोधन की मांग को ध्यान में रखते हुए एक संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह समिति प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। नोएडा स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर “वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026” को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इस योजना के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक और आईटी/आईटीईएस भूखंडों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान का रास्ता खुलेगा। शासन से मार्गदर्शन मिलने के बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी भूखंड के पुनरीक्षित लेआउट प्लान को मंजूरी दी गई। साथ ही पूर्व में 2014 और 202वीं बोर्ड बैठक में लिए गए कुछ निर्णयों को निरस्त करते हुए नई व्यवस्था लागू करने का रास्ता साफ किया गया, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण द्वारा आवंटित संपत्तियों पर बकाया राजस्व की वसूली के लिए एमनेस्टी स्कीम को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत निर्धारित समय सीमा में भुगतान करने पर बकाया राशि में छूट प्रदान की जाएगी, जिससे आवंटियों को राहत मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर, नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक को नीतिगत सुधार, वित्तीय संतुलन और जनहितकारी निर्णयों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन फैसलों का सीधा प्रभाव शहर के विकास, निवेशकों के विश्वास और आम नागरिकों की सुविधाओं पर पड़ने की उम्मीद है।