नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित

लखनऊ, 2 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आकाशवाणी ने दशकों तक भारतीय समाज को जोड़ने और देश की आस्था को सम्मान देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने इसकी 88 वर्षों की यात्रा को गौरवशाली बताते हुए इसे जनविश्वास का सशक्त माध्यम बताया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आकाशवाणी लखनऊ की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब तकनीकी संसाधनों की कमी थी, तब आकाशवाणी ही देश-दुनिया से जुड़ने का सबसे विश्वसनीय माध्यम हुआ करता था। उन्होंने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि उस समय घर-घर में सुबह की शुरुआत आकाशवाणी के कार्यक्रमों से होती थी और समाचारों की जानकारी भी रेडियो बुलेटिन के जरिए ही मिलती थी। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी की भाषा की शुद्धता और समाचारों की निष्पक्षता उसे विशेष बनाती थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आकाशवाणी ने केवल सूचना और मनोरंजन ही नहीं दिया, बल्कि भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली और कुमाऊंनी जैसी क्षेत्रीय बोलियों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और समाज को जोड़ने का कार्य भी किया। यह मंच किसानों, कलाकारों, युवाओं और हस्तशिल्पियों के लिए भी अवसर प्रदान करता रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी ने देश के स्वतंत्रता संग्राम, भारत छोड़ो आंदोलन, विभाजन और आपातकाल जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षणों को भी दर्ज किया है। उन्होंने इसे देश के सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलनों का साक्षी बताया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का भी उल्लेख किया और कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बना है। मुख्यमंत्री ने आकाशवाणी के वर्तमान स्वरूप पर भी विचार रखते हुए कहा कि समय के साथ इसकी भूमिका को और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आकाशवाणी आने वाले समय में भी समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पंडित गोविंद वल्लभ पंत को भी याद किया, जिन्होंने 2 अप्रैल 1938 को आकाशवाणी लखनऊ केंद्र का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आज भी अपनी परंपराओं और मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है। इस कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी, आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
