नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित

नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में दर्ज एक गंभीर मुकदमे की समीक्षा के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आने पर पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। थाना फेस-3 में दर्ज मु0अ0सं0 111/2026 में आवश्यक धाराओं को शामिल न करने के मामले में थाना प्रभारी और विवेचक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 मार्च 2026 को थाना फेस-3 में आवेदिका की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 351 और 308 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन अभियोग की समीक्षा में यह पाया गया कि प्रकरण की प्रकृति के अनुरूप उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 5(3) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) को शामिल नहीं किया गया।
इस गंभीर चूक को देखते हुए विभाग ने जिम्मेदारी तय करते हुए तत्काल कार्रवाई की। थाना प्रभारी फेस-3 पुनीत कुमार और मामले के विवेचक उपनिरीक्षक प्रीति गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण में उच्च स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी-1 सेंट्रल नोएडा उमेश यादव की प्रारंभिक जांच संस्थित की गई है, जबकि समग्र जांच एडीसीपी नोएडा को सौंपी गई है। वहीं, डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी से भी इस प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।