
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित
नोएडा। भारतीय किसान यूनियन मंच की लोकतांत्रिक नीतियों और किसान हितैषी सोच से प्रभावित होकर गौतमबुद्धनगर में बड़ी संख्या में महिला किसानों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की। सेक्टर-45 स्थित गणेश्वरम रेस्टोरेंट, सदरपुर में आयोजित संगठन विस्तार कार्यक्रम में सैकड़ों महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे संगठन को नई मजबूती मिली है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने की। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को मजबूती देने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक संगठन शांत नहीं बैठेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान अपने हक और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे और किसी भी कीमत पर किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील भाटी ने कार्यक्रम के दौरान नोएडा प्राधिकरण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्राधिकरण अधिकारियों की मंशा किसानों के प्रति सकारात्मक नहीं है। किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय से लंबित पड़े हैं, लेकिन उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
संगठन विस्तार के तहत महिला मोर्चा और जिला स्तर पर कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं। सोनिया त्यागी को राष्ट्रीय महासचिव (महिला मोर्चा) नियुक्त किया गया, जबकि रश्मि नागर को उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता संघ की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा सरिता साध को महिला मोर्चा उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष, काजल साध को महिला मोर्चा जिला गौतमबुद्धनगर सचिव, साक्षी शर्मा को जिला गौतमबुद्धनगर महिला मोर्चा उपाध्यक्ष बनाया गया।
जिला संगठन को और मजबूत करने के उद्देश्य से कपिल त्यागी को जिला गौतमबुद्धनगर प्रवक्ता, नितिन त्यागी को जिला उपाध्यक्ष, अंकित शर्मा और टोनी पंडित को जिला सचिव, अन्नू पंडित को सहसचिव, बिपिन चौहान और अविनाश चौहान को नोएडा महानगर सचिव नियुक्त किया गया। इन नियुक्तियों से संगठन की जमीनी पकड़ और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन मंच का परिवार लगातार बढ़ रहा है और संगठन का उद्देश्य पूरे देश में किसानों की आवाज को मजबूती से उठाना है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण ने गौतमबुद्धनगर के किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो बड़े स्तर पर जन आंदोलन किया जाएगा। किसानों को उनका अधिकार दिलाकर ही संगठन शांत बैठेगा।
कार्यक्रम में यह भी घोषणा की गई कि भारतीय किसान यूनियन मंच जल्द ही इंडिया के सभी राज्यों में अपने पदाधिकारी नियुक्त करेगा। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जिला अध्यक्ष और कार्यकारिणी का गठन कर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठित संघर्ष किया जाएगा।
इस मौके पर संगठन के संरक्षक सुरेंद्र प्रधान, प्रमोद त्यागी, सूरज प्रधान, चरण सिंह प्रधान, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान सहित सोनू लोहिया, गौतम लोहिया, गजेंद्र बैसोया, हरिकिशन शर्मा, राजवीर चौहान, अल्केश बैसोया, अमित बैसोया, रिंकू यादव, हरेंद्र अवाना, जगबीर भाटी, सौदा बैसला, मुनेश प्रधान समेत सैकड़ों किसान और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश साफ रहा कि भारतीय किसान यूनियन मंच किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करेगा, जिसमें महिला किसानों की बढ़ती भागीदारी संगठन को नई दिशा और ऊर्जा दे रही है।