
नोएडा संवाददाता प्रमोद दक्षित
सर्वाइकल कैंसर की जांच में LBC पैप स्मीयर से कहीं ज्यादा सटीक
LBC जांच से सर्वाइकल कैंसर की बेहतर पहचान संभव
नोएडा, 12 जनवरी 2026: वर्ल्ड सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ के अवसर पर मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के डॉक्टरों ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की समय पर और सटीक जांच के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए एक पब्लिक अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया। इस सत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम लेकिन पूरी तरह से रोके जा सकने वाले कैंसरों में से एक है और एडवांस स्क्रीनिंग तकनीकों के जरिए इसकी समय रहते पहचान से इलाज के परिणाम और जीवन की गुणवत्ता दोनों में बड़ा सुधार संभव है।
इस सत्र में मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा, के गायनेकोलॉजी एवं गायनेऑन्कोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रिया बंसल और कैंसर केयर (एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी) विभाग के डायरेक्टर डॉ. वी. सीनू मौजूद रहे।
डॉक्टरों ने महिलाओं से बातचीत के दौरान पारंपरिक पैप स्मीयर टेस्ट की सीमाओं पर प्रकाश डाला, जो पिछले कई दशकों से सर्वाइकल कैंसर की जांच में इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पैप स्मीयर की सटीकता लगभग 60 प्रतिशत ही होती है, जिससे कई मामलों में बीमारी देर से पकड़ में आती है या छूट जाती है। इसके मुकाबले लिक्किड बेस्ड साइटोलॉजी (LBC) एक आधुनिक और ज्यादा भरोसेमंद जांच तकनीक है, जिसकी सटीकता लगभग 95 प्रतिशत तक होती है।
मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा, के गायनेकोलॉजी एवं गायनेऑन्कोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रिया बंसल, ने कहा कि, ‘इस प्रक्रिया में सर्वाइकल सेल्स को एक लिक्विड मीडियम में सुरक्षित किया जाता है, जिससे सैंपल ज्यादा साफ मिलता है, कंटेमिनेशन कम होता है और असामान्य सेल्स को बेहतर तरीके से देखा जा सकता है। इससे न केवल डायग्नोसिस की सटीकता बढ़ती है, बल्कि बार-बार जांच कराने की जरूरत भी कम हो जाती है, जो अक्सर पारंपरिक पैप स्मीयर में अस्पष्ट या अपर्याप्त सैंपल के कारण करनी पड़ती है। सटीक डायग्नोसिस इलाज की दिशा तय करने में बेहद अहम भूमिका निभाता है। जब सर्वाइकल असामान्यताएं या कैंसर शुरुआती स्टेज में उच्च सटीकता के साथ पकड़ में आ जाते हैं, तो इलाज कम आक्रामक, फर्टिलिटी को सुरक्षित रखने वाला और अधिक टारगेटेड हो सकता है। कई मामलों में, सही स्क्रीनिंग के जरिए शुरुआती स्टेज में पहचानी गई बीमारी का इलाज मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर से किया जा सकता है, जिससे बड़ी सर्जरी, रेडिएशन या कीमोथेरेपी से बचा जा सकता है।”
मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा, के कैंसर केयर (एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी) विभाग के डायरेक्टर डॉ. वी. सीनू, ने बताया कि, “LBC लंबे समय में एक कॉस्ट इफेक्टिव विकल्प भी है। भले ही इसकी शुरुआती जांच की लागत पारंपरिक पैप स्मीयर से थोड़ी अधिक हो, लेकिन इसकी उच्च सटीकता के कारण बार-बार जांच, अतिरिक्त इन्वेस्टिगेशन और देर से होने वाले इलाज की आवश्यकता कम हो जाती है। इससे मरीजों और हेल्थकेयर सिस्टम पर कुल आर्थिक बोझ कम होता है, साथ ही महिलाओं और उनके परिवारों में होने वाला भावनात्मक तनाव और अनिश्चितता भी घटती है। शुरुआती और सटीक डायग्नोसिस का जीवन की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जिन महिलाओं में बीमारी की पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाती है, उन्हें बेहतर इलाज परिणाम, कम साइड इफेक्ट्स, कम रिकवरी समय और बेहतर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य मिलता है। सटीक स्क्रीनिंग महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को लेकर सही निर्णय लेने में सक्षम बनाती है और डॉक्टरों को सटीक निष्कर्षों के आधार पर पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान तैयार करने में मदद करती है।”