
नोएडा संवाददाता – प्रमोद दीक्षित
नोएडा।
एसीपी सेंट्रल नोएडा उमेश यादव ने मंगलवार को सेक्टर–63 थाना परिसर का औपचारिक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने थाने की व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र, अभिलेख प्रबंधन और जनसुविधाओं की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान एसीपी यादव ने परिसर की साफ–सफाई, वाहन पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे का प्रत्यक्ष आकलन किया तथा मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से उनकी ड्यूटी, गश्त व्यवस्था और कार्यशैली के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने थाने में रखे जाने वाले महत्वपूर्ण रजिस्टरों—सामान्य डायरी, मालखाना रजिस्टर, शिकायत पंजी, महिला हेल्प डेस्क रजिस्टर, सीसीटीएनएस रिकॉर्ड—की गहन जांच की और अभिलेखों को समयबद्ध एवं सटीक रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “रिकॉर्ड की शुद्धता पुलिस की पारदर्शी कार्यप्रणाली की पहचान है।”
निरीक्षण के दौरान मालखाना भी उनकी विशेष जांच का केंद्र रहा। यहां मौजूद केस प्रॉपर्टी, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और भंडारण प्रणाली को उन्होंने संतोषजनक पाया, लेकिन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मालखाना संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसीपी ने थाने में आने वाले पीड़ितों व फरियादियों के लिए बनाई गई सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। महिला हेल्प डेस्क, पासपोर्ट वेरिफिकेशन काउंटर, बीट ऑफिसर रूम और सीसीटीएनएस कक्ष की कार्यप्रणाली का अपडेट लेने के बाद उन्होंने निर्देश दिया कि “थाने में आने वाला हर व्यक्ति सम्मान और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए, और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
थाना प्रभारी ने एसीपी को अपराध नियंत्रण की रणनीति, गश्त व्यवस्था, संवेदनशील स्थानों पर तैनाती, साइबर अपराध पर कार्रवाई और हाल ही में निपटाए गए प्रमुख मामलों की विस्तृत जानकारी दी। एसीपी यादव ने पुलिस स्टाफ को तकनीक आधारित पुलिसिंग, रात की गश्त बढ़ाने और बीट सिस्टम को मजबूत करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
निरीक्षण के अंत में एसीपी ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त बैठक ली, जिसमें उन्होंने अनुशासन, सतर्कता और जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। पूरे निरीक्षण को प्रशासनिक सुदृढ़ता व पुलिस–जन विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।