
नोएडा।
नोएडा में कानून व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता के नेतृत्व में सपा का प्रतिनिधिमंडल डीसीपी नोएडा जोन यमुना प्रसाद से मिलकर शहर में बढ़ते पुलिस मनमानी के मामलों पर कड़ा रोष प्रकट किया।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि हाल ही में वह सेक्टर-73 स्थित सपा महानगर कार्यालय ए स्क्वायर मॉल से बाहर निकल रहे थे, तभी थाना सेक्टर-113 की पुलिस गाड़ी बीच सड़क पर इस तरह खड़ी थी कि ट्रैफिक जाम लग गया था। जब उन्होंने चालक कपिल से अनुरोध किया कि गाड़ी को साइड कर लें ताकि आम जनता को परेशानी न हो, तो चालक ने बदतमीजी करते हुए कहा — “गाड़ी यहीं खड़ी रहेगी, जो करना है कर लो… मेरी पहुंच बहुत ऊपर तक है।”
डॉ. गुप्ता ने कहा कि पुलिस का काम जनता की सेवा करना है, डराना या धमकाना नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना की जानकारी उन्होंने 11 नवंबर की शाम ट्वीट कर दी थी, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि डीसीपी नोएडा ने बिना जांच किए ही ट्विटर पर उन्हें दोषी ठहरा दिया।
उन्होंने कहा कि यह रवैया “घोर अन्यायपूर्ण और निराशाजनक” है।
इसी के विरोध में सपा नोएडा महानगर का प्रतिनिधिमंडल डीसीपी से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में सुनील चौधरी, विकास यादव, बबलू चौहान, रेशपाल अवाना, गौरव कुमार यादव, मोहम्मद नौशाद, लोकेश यादव, मनोज गोयल, टीटू यादव, हरपाल सिंह, दिव्यांशु यादव, महेश कुमार जाटव, रामवीर यादव, राम सहेली, बबली शर्मा, कृपा शंकर यादव, देवेंद्र और प्रशांत कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
सपा नेताओं का कहना है कि अगर नोएडा पुलिस का यही रवैया जारी रहा तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
— समय संदेश टाइम्स