
नोएडा संवाददाता : प्रमोद दीक्षित
दिनांक : 6 नवंबर 2025, नोएडा
नोएडा सेक्टर-63 थाना क्षेत्र की छिजारसी कॉलोनी निवासी नाबालिग धृति चौहान प्रकरण में अब और गंभीर आरोप सामने आए हैं। धृति और उसके परिजनों का कहना है कि आरोपी नूर आलम ने धृति को धमकी दी — “अगर तुम बयान नहीं बदलोगी तो हम तुम्हारे परिवार को खत्म कर देंगे”, ऐसा धृति ने स्वयं बताया।
परिजन आरोप लगाते हैं कि नूर आलम ने धमकी देकर और दबदबे में रखा, जिससे धृति पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया। साथ ही परिवार का यह भी कहना है कि पुलिस ने भी कथित तौर पर दबाव बनाकर नाबालिग से बयान बदलवाने को कहा — यह जानकारी भी धृति ने स्वयं दी है।
इसके अलावा, धृति का मेडिकल परीक्षण केवल बाहरी (सतही) तरीके से कराया गया था और आंतरिक (इंटरनल) जांच नहीं की गई — यह भी धृति और परिजनों ने बताया है। परिवार का आरोप है कि प्राइवेट अस्पताल में केवल बाहरी जांच कराई गई और आवश्यक चिकित्सीय प्रमाणों की पूरी जांच नहीं कराई गई, जिससे साक्ष्य अधूरे पड़े हैं।
स्थानीय लोग, सामाजिक संगठन और परिजन अब इस मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नाबालिग से जुड़ा यह संवेदनशील मामला है — जहाँ धमकी और कथित रूप से पुलिस की भूमिका दोनों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। परिजन ने उच्च अधिकारियों से मामले की प्राथमिकता से जांच और धमकी-आरोप व बयान-परिवर्तन के विषय पर कड़ी कारवाही की भी अपील की है।
नोएडा पुलिस की ओर से इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मामले की तथ्यपरक जाँच के लिए स्थानीय थाना, जिला प्रशासन और चिकित्सा प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट का मिलान आवश्यक होगा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग से संबंधित मामलों में चिकित्सा और बयान दोनों को ठीक तरह से रिकॉर्ड करना अनिवार्य होता है — यदि प्रक्रिया में चूकों या दबाव के संकेत मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
परिजन और राहगीर चाहते हैं कि इस प्रकरण की निगरानी उच्च स्तर से करायी जाए ताकि नाबालिग को न्याय मिल सके और किसी भी प्रकार की दबाव-प्रक्रिया की निष्पक्षता से जाँच हो सके।
