
नाडा संवाददाता: प्रमोद दीक्षित
नोएडा। किसानों और नोएडा प्राधिकरण के बीच शुक्रवार को हुई तीन घंटे से ज्यादा लंबी बैठक आखिरकार बेनतीजा रही।
भारतीय किसान यूनियन मंच का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा और वार्ता विफल होने के बाद अब किसानों ने 3 नवंबर को महापंचायत बुलाने की घोषणा कर दी है।
धरने की अध्यक्षता मूलचंद शर्मा ने की और संचालन सुनील भाटी ने किया।
आज प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर, अरविंद कुमार और एसीपी प्रवीण कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से कहा कि वे प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश से वार्ता करें। किसानों ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया और प्रत्येक गांव से दो-दो प्रतिनिधियों के साथ बोर्ड रूम में करीब 3 घंटे 10 मिनट तक वार्ता चली, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
किसानों का ऐलान – अब पीछे नहीं हटेंगे
भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने कहा कि “नोएडा प्राधिकरण किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे। इस बार किसान आश्वासनों पर नहीं, अपने अधिकार लेकर ही वापस जाएंगे। चाहे धरना महीनों क्यों न चले, लेकिन अब किसान पीछे नहीं हटेंगे।”
त्यागी ने यह भी घोषणा की कि 3 नवंबर 2025, सोमवार को नोएडा प्राधिकरण पर महापंचायत होगी, जहाँ यह निर्णय लिया जाएगा कि आंदोलन को आगे किस दिशा में ले जाना है।
किसानों के सवाल – “कब मिलेगा हमारा हक?”
राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान ने बैठक में कहा कि “अधिकारियों ने माना कि किसानों के साथ अन्याय हुआ है, तो फिर समाधान क्यों नहीं?”
वहीं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने प्राधिकरण के अधिकारियों से सीधा सवाल किया —
“नोएडा प्राधिकरण ने 1976 से 1997 तक किसानों से किए गए समझौतों में साफ लिखा है कि किसानों को 5% और 10% भूखंड, आबादी का निस्तारण और किसान कोटे के प्लॉट दिए जाएंगे, लेकिन आज तक वादे पूरे नहीं हुए। आखिर कब तक किसान ठगे जाएंगे?”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा —
👉 “इस बार किसान नोएडा प्राधिकरण से अपना अधिकार लेकर ही लौटेगा — या तो समाधान होगा, या समाधि बनेगी।”
धरना स्थल पर उमड़ा जनसैलाब
धरने में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे जिनमें प्रमोद त्यागी, सूरज प्रधान, चरण सिंह प्रधान, कालू प्रधान, सुरेंद्र प्रधान, गौतम लोहिया, एडवोकेट दिनेश भाटी, मनविंदर भाटी, चिंकू यादव, उमंग शर्मा, वीर सिंह टाइगर, गजेंद्र बैसोया, प्रिंस भाटी, आशीष चौहान, राजपाल चौहान, राहुल पवार, अनुप चौहान, मास्टर बीर सिंह चौहान, रोहित यादव, पुष्पेंद्र चौहान, तेज सिंह चौहान, भंवर सिंह चौहान, नवल चौहान, रिंकू यादव सहित सैकड़ों किसान शामिल रहे।
किसानों की चुनौती – “सरकार जवाब दे”
किसानों ने सरकार और प्राधिकरण दोनों से सवाल पूछा —
आखिर किसानों के साथ किए गए समझौतों को कब पूरा किया जाएगा?
क्यों हर बार किसानों को सिर्फ आश्वासन ही मिलता है?
क्या किसान अपने ही हक के लिए यूँ ही सड़कों पर बैठा रहेगा?
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर अब भी समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।
