
नोएडा संवाददाता : प्रमोद दीक्षित
नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का गुस्सा लगातार भड़कता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन मंच के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन और भी तीखा हो गया। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान के नेतृत्व में किसानों ने ऐलान किया कि “अबकी बार कोई समझौता नहीं होगा — हक लेकर ही घर लौटेंगे।”
धरना स्थल से गूंजती किसानों की आवाज़ों ने नोएडा प्राधिकरण प्रशासन को हिला कर रख दिया। किसानों ने कहा कि कागज़ खुद गवाही दे रहे हैं कि प्राधिकरण पर किसानों का बकाया है — 5 प्रतिशत, 10 प्रतिशत भूखंड से लेकर किसान कोटे की जमीनों तक का निस्तारण आज तक अधूरा है।
आज दोपहर धरना स्थल पर नंगली वाजिदपुर के किसान रणबीर चौहान की तबीयत बिगड़ने से अफरा-तफरी मच गई। मौके पर एम्बुलेंस न होने से किसानों में नाराज़गी फैल गई। किसान नेताओं ने कहा कि अगर किसी किसान की जान चली जाती तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होती।
राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा —
“नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को बरसों तक सिर्फ बहलाया है, अब किसान बहलने वाला नहीं है। या तो हक देंगे या आंदोलन पूरे सिस्टम को झुका देगा।”
धरने की अध्यक्षता जयपाल चौहान बरौला ने की और संचालन रिंकू यादव एवं अमित बैसोया ने किया।
इस मौके पर मौजूद प्रमुख किसान नेताओं में सुरेंद्र प्रधान, गौतम लोहिया, मीडिया प्रभारी अशोक चौहान, अभिषेक तोमर, वीर सिंह टाइगर, आशीष चौहान, राहुल पवार, प्रमोद त्यागी, तेज सिंह चौहान, सपना चौहान, विभा चौहान, और सैकड़ों किसान महिलाएं शामिल रहीं।
धरना स्थल पर नारे गूंजते रहे —
“कागज़ बोले हक़ हमारा — अब नहीं कोई समझौता दोबारा!”