
नोएडा संवाददाता: प्रमोद दीक्षित
नोएडा।
नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर फूट पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन मंच के बैनर तले 81 गांवों के सैकड़ों किसान आज हरौला बारात घर से पैदल मार्च करते हुए सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय पहुंच गए और वहीं अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
धरने की अध्यक्षता अनूप निर्वाण ने की, संचालन सुनील भाटी और आशीष चौहान ने किया। किसानों के पहुंचने पर पुलिस ने रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी, मगर किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और सीधे नोएडा प्राधिकरण के स्वागत कक्ष के सामने चौराहे पर धरने पर बैठ गए। मौके पर पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
करीब दोपहर 3 बजे ओएसडी क्रांति शेखर, अरविंद कुमार और एसीपी प्रवीण कुमार वार्ता के प्रस्ताव के साथ किसानों के बीच पहुंचे, मगर किसानों ने दो टूक कह दिया — “वार्ता धरना स्थल पर ही होगी, प्राधिकरण के अंदर नहीं।” किसानों की मांग थी कि अधिकारी सार्वजनिक रूप से बताएँ कि किसानों के कौन-कौन से कार्य किए गए और कौन से लंबित हैं। अधिकारियों के लौटने से किसानों में नाराजगी और बढ़ गई।
धरना स्थल पर मौजूद संवाददाता प्रमोद दीक्षित के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने अधिकारियों से तीखे सवाल किए, पर उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। गुस्साए किसानों ने एलान किया कि अब वार्ता केवल प्राधिकरण चेयरमैन दीपक कुमार से ही होगी। उन्होंने चेताया कि “जब तक चेयरमैन या सीईओ डॉ. लोकेश एम खुद नहीं आएंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान और मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने कहा कि इस बार किसान केवल “आश्वासन” से नहीं मानेंगे — “जब तक किसानों के सभी मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक धरना खत्म नहीं होगा।” उन्होंने प्राधिकरण पर किसानों की अनदेखी और सरकार पर निष्क्रियता के आरोप लगाए।
इस मौके पर सूरज प्रधान, सुरेंद्र प्रधान, प्रमोद त्यागी, डीपी चौहान, गौतम लोहिया, विक्रम यादव, सुरेश त्यागी, रोहतास चौहान, मनविंदर भाटी, वीर सिंह टाइगर, कृष्ण भड़ाना, श्याम सिंह चौहान, गजेंद्र बैसोया, योगेश भाटी, विमल त्यागी, राहुल पवार, उदय चौहान, उमंग शर्मा, अमित बैसोया, सरजीत खारी, मुनेश प्रधान, भंवर सिंह चौहान, कंवरपाल चौहान, अभिषेक चौहान समेत हजारों किसान और महिलाएं शामिल हुईं।
धरना स्थल पर किसान सरकार और प्राधिकरण के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते रहे। माहौल लगातार गर्म है और किसानों ने साफ कहा है — “अब यह धरना केवल कार्रवाई से ही खत्म होगा, आश्वासन से नहीं।”
