
नोएडा संवाददाता – प्रमोद दीक्षित
नोएडा, 27 नवंबर 2025।
कार्तिक शुक्ल षष्ठी के अवसर पर मंगलवार सायंकाल नोएडा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। लाखों छठव्रतियों ने सेक्टर-75, यमुना और हिंडन के घाटों सहित विभिन्न सेक्टरों और ग्रामीण इलाकों में बनाए गए लगभग दो सौ अस्थायी छठघाटों पर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया।
दिनभर छठव्रतियों ने घरों में प्रसाद के रूप में गेहूं, घी और शक्कर से ठेकुआ, चावल व घी का लड्डू आदि बनाया। बांस के बने सूप, डाला, दौरा और टोकरी में सेब, केला, नारंगी, अमरूद, ईख, मूली, सिंघाड़ा, अदरक, हल्दी, कच्चा नारियल, चीनी की सांची, सिंदूर और अन्य पूजा सामग्री सजाई गई।
सायंकाल सूर्यास्त से पूर्व सिर पर प्रसाद लेकर श्रद्धालु अपने परिवारजनों सहित घाटों की ओर प्रस्थान किए। अनेक श्रद्धालु नंगे पांव कष्ट साधना करते हुए घाटों तक पहुंचे। यमुना, हिंडन और विभिन्न सेक्टरों के तालाबों व कृत्रिम जलाशयों को छठघाट के रूप में सजाया गया था। सूर्यास्त के समय श्रद्धालुओं ने जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया।
भक्ति और एकता का पर्व
सेक्टर-75 स्थित सेंट्रल पार्क के छठघाट पर श्री सूर्यदेव पूजा समिति नोएडा के तत्वावधान में “श्री छठ पूजा महोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अखिल भारत हिन्दू महासभा और अखिल भारतीय प्रवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि —
“छठ पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और परिवार के सम्मान का प्रतीक है। डूबते सूर्य को अर्घ्य देना हमारे बड़ों के प्रति सम्मान का संदेश है, जबकि उगते सूर्य को अर्घ्य देना नई ऊर्जा और आशा का प्रतीक है।”
उन्होंने बताया कि यह पर्व बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर नेपाल, मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा सहित विश्व के अनेक देशों में अत्यंत श्रद्धा और परंपरा से मनाया जाता है।
सूर्योदय के साथ होगा समापन
डॉ. शर्मा ने बताया कि आज कार्तिक शुक्ल सप्तमी को प्रातःकाल उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सूर्योदय से पहले छठव्रती सिर पर प्रसाद से भरे सूप, डाला और टोकरी लेकर परिवार सहित घाटों पर पहुंचेंगे और उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करेंगे।
अर्घ्य के उपरांत छठव्रती घाट पर बने सूर्यपिंड (श्रीसोप्ता) के निकट बैठकर भगवान भास्कर और छठमाता की पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाएगा और छठव्रती प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो जाएगा।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी — राजीव त्यागी (महासचिव), प्रभात राय (कोषाध्यक्ष), हरि प्रसाद (सहकोषाध्यक्ष), डॉ. शशांक शेखर (उपाध्यक्ष), बसंत उपाध्याय, हीरालाल यादव, मनीष यादव, मधुरेंद्र सिंह, कैप्टन राकेश कुमार, मनीष झा, अनमोल सिंह, संतोष कुमार, शेखर कुमार, ज्ञानेश मिश्रा, एस.पी. शर्मा, सुनील अग्रवाल, चंदन झा, विनोद कुमार, अतुल जैन, त्रिपतीनाथ तिवारी सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।