
नोएडा से संवाददाता – प्रमोद दीक्षित
नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के थाना फेस-2 की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो एक्स-सर्विसमैन के ईसीएचएस कार्डों का फर्जी उपयोग कर अस्पतालों में नकली मरीज भर्ती कराकर अवैध लाभ कमा रहा था। इस संगठित ठगी में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने सेक्टर-110 स्थित तिकोना पार्क के पास से गिरफ्तार किया है।
फेस-2 थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने पुलिस की सजगता और तत्परता का एक और उदाहरण पेश किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दानिश, प्रदीप गौर, सुमित और पूरन सिंह शामिल हैं। ये सभी बुलंदशहर जिले के निवासी हैं और लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न अस्पतालों में फर्जी भर्ती कराने का काम कर रहे थे।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी एक्स-सर्विसमैन के असली कार्डों की छायाप्रतियां लेकर उन्हें फर्जी मरीजों के नाम पर अस्पतालों में दाखिल कराते थे। भर्ती के एवज में मरीजों के परिजनों से पहले एडवांस और बाद में डिस्चार्ज के समय तयशुदा रकम वसूलते थे। गिरोह का मुख्य सदस्य दानिश डी-फार्मा का विद्यार्थी रह चुका है, जो चिकित्सा क्षेत्र के नियमों की जानकारी का दुरुपयोग कर रहा था।
इस पूरी कार्रवाई में थाना फेस-2 पुलिस की मेहनत और खुफिया कार्यशैली की सराहना की जा रही है। पुलिस ने मौके से चार मोबाइल फोन और सात ईसीएचएस कार्ड की छायाप्रतियां बरामद की हैं। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल कर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश करते थे और लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे।
पत्रकार प्रमोद दीक्षित के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई नोएडा पुलिस की प्रतिबद्धता और पेशेवर दक्षता को दर्शाती है। फेस-2 थाना पुलिस ने यह साबित किया है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता।
इस उपलब्धि ने न केवल नोएडा पुलिस की साख को और मजबूत किया है बल्कि यह संदेश भी दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “भ्रष्टाचार मुक्त भारत” के संकल्प को सच्चे अर्थों में जमीनी स्तर पर अमल में लाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार अग्रणी भूमिका निभा रही है।