
दीपों की रौशनी में झलकी भारतीय परंपरा, संगीत और सामाजिक समरसता का संगम
🖋️ नोएडा संवाददाता — प्रमोद दीक्षित
नोएडा, भारत विकास परिषद, नोएडा द्वारा “दीपोत्सव 2025” का भव्य आयोजन सेक्टर-51 स्थित डायमंड क्राउन बैंक्वेट में हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। परिषद के अध्यक्ष देवेन्द्र गंगल एवं सचिव रामरतन शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने नोएडा की सांस्कृतिक धारा को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की।
सैकड़ों दीपों की ज्योति से आलोकित स्थल पर संगीत, डांडिया और दीपावली मिलन का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका प्रीति भल्ला की संगीतमय प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। देर रात तक पारंपरिक परिधानों में महिलाओं ने जब डांडिया रास में भाग लिया, तो पूरा वातावरण भारतीय संस्कृति की चमक से जगमगा उठा।
मुख्य अतिथि के रूप में नोएडा विधायक पंकज सिंह, पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर, प्रदेश महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा विमला बाथम, दर्जा प्राप्त मंत्री कैप्टन विकास गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय बाली तथा उद्योगपति डॉ. पीयूष द्विवेदी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पूर्व अध्यक्ष प्रताप मेहता, पंकज जिंदल, राजीव गोयल, केशव गंगल और कुलदीप गुप्ता के साथ दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
पत्रकार प्रमोद दीक्षित के अनुसार, “यह दीपोत्सव केवल दीपों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संस्कृति और समरसता का प्रकाश फैलाने का संदेश है।” उन्होंने कहा कि नोएडा जैसे आधुनिक शहर में भारत विकास परिषद की यह पहल देश की सामाजिक चेतना को जगाने वाला उदाहरण है।
परिषद के अध्यक्ष देवेन्द्र गंगल ने कहा —
“हमारा उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और संस्कृति के मूल्यों को बढ़ावा देना है। दीपोत्सव 2025 सामूहिक चेतना और एकता का प्रतीक है।”
इस अवसर पर परिषद के पूर्व अध्यक्ष बिपिन मल्हन, राकेश कत्याल, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, अतुल वर्मा, सतनारायण गोयल, महिला सहसंयोजिका कंचन गुप्ता, कार्यक्रम संयोजक मुकेश गुप्ता एवं अक्षय पारिख, भूपेन्द्र मित्तल, दीपक गौतम, मनीष गुप्ता, संजय गोयल सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
समारोह की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार प्रमोद दीक्षित ने इसे समाज में सकारात्मकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अद्भुत उदाहरण बताया। उनके अनुसार, “भारत विकास परिषद की ऐसी पहलें आने वाली पीढ़ियों को भारतीय मूल्यों से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होंगी।”
कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् की गूंज के साथ हुआ, जब सभी दीपों की रौशनी एक स्वर में देशभक्ति के प्रकाश में विलीन हो गई। यह दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सेवा भावना का उत्सव बन गया — जैसा कि पत्रकार प्रमोद दीक्षित ने कहा, “जहां दीप जलते हैं, वहां अंधकार नहीं टिकता; और जहां सेवा होती है, वहां समाज कभी पिछड़ता नहीं।”