
नोएडा। किसानों का सब्र अब जवाब दे चुका है। भारतीय किसान यूनियन मंच ने नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का ऐलान करते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि 29 अक्टूबर 2025 तक किसानों की सभी लंबित मांगें पूरी नहीं हुईं, तो नोएडा प्राधिकरण पर संपूर्ण तालाबंदी की जाएगी।
गाँव गेझा तिलपताबाद में आयोजित पंचायत में यह बड़ा फैसला लिया गया। पंचायत की अध्यक्षता बाबा राम बक्स त्यागी ने की, जबकि मंच संचालन राष्ट्रीय सह प्रवक्ता गौतम लोहिया ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने किसानों की अगुवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण को अंतिम अल्टीमेटम दिया।
विमल त्यागी की दो टूक चेतावनी:
विमल त्यागी ने कहा —
“अब किसान ठान चुका है। अगर 29 अक्टूबर तक 81 गांवों के किसानों से किए वादे पूरे नहीं हुए तो किसान नोएडा प्राधिकरण पर ताला लगा देंगे। तय नोएडा प्राधिकरण को करना है — किसानों के काम करेंगे या किसानों से प्राधिकरण बंद करवाएंगे।”
उन्होंने कहा कि वर्षों से किसान अपनी जमीन और हक के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, अमल नहीं।
पत्रकार प्रमोद दीक्षित के अनुसार, सभा में किसानों का गुस्सा उबाल पर था — “अब या तो काम होगा, या प्राधिकरण बंद होगा,” किसानों की यह चेतावनी प्रशासन के लिए खुला संदेश है।
किसानों की मुख्य मांगें:
राष्ट्रीय सह प्रवक्ता गौतम लोहिया ने बताया कि
गाँव याकूबपुर और गेझा तिलपताबाद में आबादी सर्वे में कई गड़बड़ियाँ हुईं, रिपोर्ट किसानों की सहमति के बिना जारी कर दी गई।
सभी 81 गांवों के किसानों की आबादी का सर्वे खसरा वार दोबारा कराया जाए।
जिन किसानों को 5% अतिरिक्त भूखंड की जगह ₹22,000 प्रति वर्गमीटर का मुआवजा देना तय हुआ है, उन्हें शीघ्र चेक जारी किए जाएं।
जिन किसानों को 10% अतिरिक्त भूखंड देने के न्यायालय आदेश मिल चुके हैं, उन्हें तुरंत भूखंड आवंटित किए जाएं।
1976 से 1997 के बीच जिन किसानों को पात्र होते हुए भी किसान कोटा में भूखंड नहीं मिला, उनके मामले तेजी से निपटाए जाएं।
किसानों का प्रशासन को अल्टीमेटम:
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने कहा “अब किसान सिर्फ बातों से नहीं मानेंगे। यदि 29 अक्टूबर तक किसानों के सभी कार्य पूरे नहीं किए गए, तो नोएडा प्राधिकरण के गेट पर किसान तालाबंदी करेंगे। प्राधिकरण तब तक नहीं खुलेगा, जब तक न्याय नहीं मिलेगा।”
सभा के दौरान किसान नेताओं ने शासन-प्रशासन को भी आगाह किया कि यदि किसानों के हक में निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
पत्रकार प्रमोद दीक्षित के मुताबिक, पंचायत स्थल पर सैकड़ों किसानों ने हाथ उठाकर ऐलान किया — “अब नहीं रुकेंगे, अब नहीं झुकेंगे — हमारा हक हमें चाहिए।”
पंचायत में मौजूद रहे:
भाकियू मंच के संरक्षक सुरेन्द्र प्रधान, पप्पू प्रधान, महानगर अध्यक्ष डीपी चौहान, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान, सह प्रवक्ता गौतम लोहिया, मीडिया प्रभारी अशोक चौहान, रामनाथ त्यागी, नरेंद्र त्यागी, डॉ. सोमदेव त्यागी, रामदास त्यागी, सागर नंबरदार, गजेंद्र बैसोया, राजबीर त्यागी, गौरव त्यागी, वीर सिंह मास्टर, हरिश खारी, जगबीर भाटी, अमित बैसोया, रिंकू यादव, सोनू लोहिया, पप्पू त्यागी, आदेश त्यागी, संदीप त्यागी, वर्णिल त्यागी, मूलचंद शर्मा, नेकपाल त्यागी, ऐके बैसोया, दानिश सैफी समेत सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।