
नोएडा, 11 अक्टूबर। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए यह सप्ताह ऐतिहासिक साबित हुआ है। देश की जानी-मानी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता कंपनी एक्का इलेक्ट्रॉनिक्स ने सीरीज़-ए इक्विटी फंडिंग के तहत 108 करोड़ रुपये जुटाकर देश के विनिर्माण क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख दिया है।
कंपनी ने बताया कि यह निवेश उसकी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास (R&D) को मज़बूत करने और 2027 तक शेयर बाजार (IPO) में उतरने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। यह पूंजी मुकुल महावीर अग्रवाल, वरुण डागा परिवार, एमएआईक्यू ग्रोथ स्कीम, कैपराइज ऑरिक्स और कई प्रतिष्ठित पारिवारिक कार्यालयों जैसे प्रमुख निवेशकों से जुटाई गई है।
2018 में स्थापित एक्का इलेक्ट्रॉनिक्स आज भारत की सबसे तेजी से उभरती ओडीएम (मूल डिजाइन विनिर्माण) कंपनियों में शामिल है, जो देश-विदेश के ब्रांडों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एलईडी टीवी और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाती है। कंपनी की विनिर्माण इकाइयाँ सोनीपत और नोएडा में स्थित हैं और वर्तमान में इसका वार्षिक कारोबार 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक सागर गुप्ता ने कहा,
“हमारा लक्ष्य केवल विदेशी कंपनियों के लिए काम करना नहीं, बल्कि भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए हम एक ऐसी मजबूत औद्योगिक प्रणाली तैयार कर रहे हैं, जिससे हमारे उत्पाद न केवल भारतीय बाजार बल्कि विदेशों में भी प्रतिस्पर्धा कर सकें।”
उन्होंने आगे कहा कि एक्का आने वाले वर्षों में नई तकनीकों और स्वदेशी अनुसंधान को बढ़ावा देने पर फोकस करेगी ताकि भारत वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का केंद्र बन सके।
कंपनी की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार देश में “विनिर्माण आधारित अर्थव्यवस्था” को मजबूत करने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। एक्का की पहल से न केवल रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि विदेशी निर्भरता भी कम होगी।
देश के आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि एक्का जैसी भारतीय कंपनियाँ इस रफ्तार से आगे बढ़ती रहीं तो अगले कुछ वर्षों में भारत न केवल अपने घरेलू बाजार को आत्मनिर्भर बना लेगा बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का नेट एक्सपोर्टर (शुद्ध निर्यातक) देश भी बन सकता है।
सवाल यही उठता है —
क्या यह कदम भारत को चीन और वियतनाम जैसे देशों की बराबरी में खड़ा कर पाएगा?
क्या भारतीय ब्रांड्स अब दुनिया के बाजार में अपनी पहचान बना पाएंगे?
और क्या 2027 का एक्का का आईपीओ भारत के निवेशकों के लिए एक नए युग की शुरुआत बनेगा?
इन सवालों के जवाब समय के साथ सामने आएंगे, लेकिन इतना तय है कि एक्का इलेक्ट्रॉनिक्स का यह कदम सिर्फ एक कारोबारी फैसला नहीं, बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक निर्णायक कदम है।