
गाज़ियाबाद। समाजवादी पार्टी जनपद गाज़ियाबाद में हाल ही में हुई अनुशासनहीन घटना के बीच पार्टी के पूर्व मीडिया प्रभारी सूरज भारद्वाज का नाम संगठनात्मक अनुशासन और निष्ठा के प्रतीक के रूप में सामने आया है।
दिनांक 5 अक्टूबर 2025 को समाजवादी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष जीतू शर्मा द्वारा वर्तमान जिलाध्यक्ष फ़ैसल हुसैन का सार्वजनिक रूप से पुतला दहन किया गया था।
लेकिन इस घटना से दो दिन पहले, 3 अक्टूबर 2025 को ही सूरज भारद्वाज ने सोशल मीडिया और पार्टी मंचों पर स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा था कि –
“समाजवादी पार्टी के वर्तमान जिलाध्यक्ष के सम्मान में किसी भी अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि ऐसा हुआ तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी तय की जाएगी और संगठनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित होगी।”
सूरज भारद्वाज की यह चेतावनी उस समय दी गई थी जब घटना की संभावना भी नहीं जताई गई थी। उनके इस सतर्क रुख को अब पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक सजगता का उदाहरण बताया है।
घटना के अगले दिन 6 अक्टूबर 2025 को सूरज भारद्वाज ने समाजवादी पार्टी कार्यालय, आर.डी.सी. गाज़ियाबाद जाकर पूरी घटना की लिखित रिपोर्ट कार्यालय प्रभारी राहुल रावत को सौंपी और उसी दिन लखनऊ स्थित मुख्य कार्यालय को फ़ोटो और प्रमाण सहित विस्तृत प्रतिवेदन भेजा।
पार्टी की अनुशासन समिति ने रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए जांच प्रारंभ की।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरविंद कुमार सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई की अनुशंसा की, जिसके बाद पूर्व जिलाध्यक्ष जीतू शर्मा को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में सूरज भारद्वाज की सक्रिय भूमिका और त्वरित चेतावनी ने संगठन को समय रहते सतर्क किया, जिससे पार्टी की गरिमा और नेतृत्व का सम्मान सुरक्षित रहा।
सपा गाज़ियाबाद कार्यालय ने कहा कि यह उदाहरण पार्टी के समर्पित और सजग कार्यकर्ताओं के योगदान को दर्शाता है — “सूरज भारद्वाज जैसे कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ हैं, जो हर परिस्थिति में अनुशासन और नेतृत्व की प्रतिष्ठा की रक्षा करते हैं।”